श्री हरि कुंज भागवत
गौ सेवा जन कल्याण समिति
🐄 गौ रक्षा • वैदिक शिक्षा • समाज कल्याण
श्री हरि कुंज भागवत गौ सेवा जन कल्याण समिति — भोपाल, मध्य प्रदेश स्थित एक पंजीकृत संस्था जो गौ माता की रक्षा और समाज के उत्थान के लिए समर्पित है।
एक समर्पित संस्था जो गौ माता की सेवा, वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार और समाज कल्याण के लिए निरंतर कार्यरत है।
भोपाल, मध्य प्रदेश
श्री हरि कुंज भागवत गौ सेवा जन कल्याण समिति भोपाल, मध्य प्रदेश में स्थित एक पंजीकृत समाजसेवी संस्था है। यह संस्था मध्य प्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 के अंतर्गत 19 नवम्बर 2025 को विधिवत पंजीकृत की गई है।
हमारा मुख्य ध्येय गौ माता की रक्षा, पोषण और पालन-पोषण को बढ़ावा देना है। साथ ही हम वैदिक शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, ज्योतिष शिक्षा का प्रचार-प्रसार करते हैं और समाज के कमजोर वर्गों की सेवा में संलग्न हैं।
हमारी संस्था 14 मुख्य उद्देश्यों के साथ समाज की सेवा में पूर्णतः समर्पित है।
गौ रक्षा, गौ पालन को बढ़ावा देना तथा पशु-पक्षियों के संरक्षण हेतु जागरूकता कार्यक्रम।
संस्कृत, वैदिक, ज्योतिष शिक्षा का प्रचार-प्रसार; विद्यालय एवं महाविद्यालय की स्थापना।
बच्चों की सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएं और गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा सहयोग।
नशामुक्ति, परिवार परामर्श, स्वास्थ्य केन्द्र और जाति-भेद उन्मूलन जन चेतना अभियान।
संस्थापक अध्यक्ष • जन्म: 08 मई 1985 • भोपाल
"गौ माता की सेवा ही सच्ची ईश्वर भक्ति है। हमारी संस्था का प्रत्येक कदम समाज के उत्थान और गौ रक्षा के लिए समर्पित है।"
श्री आनंद शर्मा एक समर्पित समाजसेवी हैं जो गौ रक्षा, वैदिक संस्कृति और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में संस्था ने भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में अनेक सेवा कार्य संपन्न किए हैं।
संस्था की शासी समिति में 9 समर्पित सदस्य हैं जो समाज सेवा में निरंतर कार्यरत हैं।
मध्य प्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 (क्रमांक 44 सन् 1973) के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत।
सोसायटियों के रजिस्ट्रार, मध्य प्रदेश शासन द्वारा डिजिटली हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र जारी किया गया।
MP Online पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण। कार्यक्षेत्र: सम्पूर्ण मध्य प्रदेश।
आपका एक छोटा सा योगदान गौ माता की सेवा और समाज कल्याण में बड़ा बदलाव ला सकता है।
गौ माता के भोजन, चिकित्सा और संरक्षण हेतु योगदान दें।
गरीब बच्चों की शिक्षा और वैदिक पाठशाला हेतु सहयोग करें।
वृद्ध आश्रम, अनाथालय और अन्नक्षेत्र हेतु योगदान दें।